
आंखों में एक सपना लेकर,
हसरत से वो देखा करती |
सब उसकी तारीफ़ करें पर,
जाने क्यों वो मुझपे मरती |
उसका चेहरा एक आइना,
होंठ गुलाबी शीतल से |
लगता जेसे ओस गिरे हों,
गुलाब कि पंखुड़ियों पे |
जिस्म मुलायम ऐसे जैसे,
नयी बर्फ कि चादर हों |
कज़ारारी आंखें हैं या फिर,
स्वप्न भरा कोई गागर हों |
बातें उसकी कितनी चंचल,
सबके दिल में करती हलचल |
अंगडाई में मदहोशी है,
साँसों में खुशबू हों बेकल |
सीने से आँचल जब सरके,
उड़ जाये फिर होश हमारे |
आओ एक मुक़ाबला कर लें,
वो सुन्दर या ख्वाब हमारे |
हसरत से वो देखा करती |
सब उसकी तारीफ़ करें पर,
जाने क्यों वो मुझपे मरती |
उसका चेहरा एक आइना,
होंठ गुलाबी शीतल से |
लगता जेसे ओस गिरे हों,
गुलाब कि पंखुड़ियों पे |
जिस्म मुलायम ऐसे जैसे,
नयी बर्फ कि चादर हों |
कज़ारारी आंखें हैं या फिर,
स्वप्न भरा कोई गागर हों |
बातें उसकी कितनी चंचल,
सबके दिल में करती हलचल |
अंगडाई में मदहोशी है,
साँसों में खुशबू हों बेकल |
सीने से आँचल जब सरके,
उड़ जाये फिर होश हमारे |
आओ एक मुक़ाबला कर लें,
वो सुन्दर या ख्वाब हमारे |
3 comments:
of course, your imagery is better.
Waah waah
Mast hai yaar
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