Thursday, April 19, 2007

Ecstasy in Love ?

अपने चेहरे पे न गुस्सा किजिये |
आइना कहता है कहने दिजिये ||

बज्म कि मिट्टी को थोडा लाल कर दूं |
गर लहु बहता है बहने दिजिये |

मांगने से गर खुदा कुछ भि न दे |
तो उसे पत्थर ही रहने दिजिये |

प्यार कि राहों से मै वकिफ हुं |
मुझको थोडा आगे चलने दिजिये |

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